होने जा रहा है दिल्ली बस मार्गों में बड़ा परिवर्तन, जानें क्या है योजना

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दिल्ली परिवहन विभाग 2 अक्टूबर से परीक्षण के आधार पर नए बस मार्ग शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे राष्ट्रीय राजधानी में बस सेवाओं की आवृत्ति और कवरेज में सुधार होने की संभावना है। दिल्ली के निवासी अब राष्ट्रीय राजधानी में चुनिंदा मार्गों पर पांच से 10 मिनट की आवृत्ति पर सार्वजनिक परिवहन बसों का उपयोग कर सकेंगे क्योंकि सरकार 2 अक्टूबर से परीक्षण के आधार पर नए बस मार्ग शुरू करने की योजना बना रही है। परिवहन विभाग 42 मौजूदा मार्गों की सेवाओं को संशोधित करेगा और 91 नए मार्गों को पेश करेगा। यह नया विकास तब हुआ जब सरकार ने रूट युक्तिकरण समिति की सिफारिशों को लागू करने का निर्णय लिया, जिसने कुछ साल पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

दिल्ली बस मार्गों के लिए बड़ा सुधार; 2 अक्टूबर से समय, दिशा-निर्देश बदलने के लिए विवरण देखें

परिवहन विभाग ने मंगलवार को जनता से सुझाव लेने के लिए प्रस्तावित बस मार्गों की सूची जारी की। शहर में बस रूटों को छह कैटेगरी में बांटा जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में सेवाओं की एक अलग आवृत्ति होती है।

1. सर्कुलेटर्स: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, नेहरू प्लेस टर्मिनल और मोरी गेट टर्मिनल को सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) के रूप में पहचाना गया है। इन स्थानों पर सर्कुलेटर रूट पर बसें 5-10 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। इन तीन सीबीडी के बीच ‘सर्कुलेटर्स’ चलेंगे।

2. ट्रंक रूट: इन रूटों पर बसें शहर के प्रमुख हब (सब-सीबीडी) को तीन सीबीडी से जोड़ेगी। 5-10 मिनट की आवृत्ति पर बसें उपलब्ध होंगी। वर्तमान में पहचाने गए ट्रंक मार्ग हैं: आनंद विहार इंटर-स्टेट बस टर्मिनल से मंगोलपुरी क्यू ब्लॉक, नजफगढ़ टर्मिनल से मोरी गेट टर्मिनल, आनंद विहार आईएसबीटी से सुल्तानपुरी और अंबेडकर नगर टर्मिनल, मोरी गेट टर्मिनल से मंगलापुरी टर्मिनल और शिवाजी स्टेडियम से लाडपुर गांव।

3. प्राथमिक मार्ग: यहां, बसें 10-20 मिनट के अंतराल पर यात्रियों को आवासीय क्षेत्रों से उप-सीबीडी तक पहुंचाएंगी। 47 मौजूदा मार्गों को प्रमुख रेलवे स्टेशनों और आईएसबीटी को आवासीय क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्राथमिक मार्गों में संशोधित किया गया है।

4. हवाई अड्डा सेवा मार्ग: ये मार्ग उप-सीबीडी को हवाई अड्डे से जोड़ेंगे। हर 10 मिनट में बसें चलेंगी। चार मार्ग आईजीआई हवाई अड्डे को आजादपुर, रिठाला, नजफगढ़ और गुड़गांव से जोड़ेंगे।

5. लास्ट माइल फीडर: ये बसें 30 मेट्रो स्टेशनों सहित रिहायशी इलाकों और गांवों को प्राथमिक मार्गों से जोड़ेगी। यहां बसें 7-15 मिनट की फ्रीक्वेंसी पर उपलब्ध रहेंगी।

6. एनसीआर मार्ग: ये मार्ग 20 मिनट की आवृत्ति के साथ एनसीआर शहरों से दिल्ली आने वाले यात्रियों को ले जाएंगे। एनसीआर के 11 रूटों में से पांच गुड़गांव को दिल्ली से, एक फरीदाबाद को, दो को ग्रेटर नोएडा से और तीन अन्य दिल्ली के तीन आईएसबीटी को गाजियाबाद के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ेगी।
परिवहन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एक अक्टूबर से शुरू होने वाले ट्रायल रन में फीडर बस रूट और एनसीआर रूट का परीक्षण नहीं किया जाएगा। अन्य 50 प्रतिशत बसें पुराने रूटों पर चलती रहेंगी, ताकि जनता को असुविधा न हो।

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